
राजनयिक सूत्रों ने बताया कि दावुतोग्लू ने रविवार को सालेही को फोन कर मिस्र, सीरिया और लेबनान के नवीनतम घटनाक्रम पर बात की।
बताया गया कि सलीही ने लेबनान में अपहृत तुर्की पायलटों के बारे में दुख व्यक्त किया तथा उनकी शीघ्र रिहाई की कामना की।
बदले में दावुतोग्लू ने सलीही को धन्यवाद दिया और कहा कि पायलटों की रिहाई में योगदान देने के ईरान के प्रयासों का स्वागत किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, सलीही ने जवाब दिया कि वे इस मुद्दे पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।
अरकची ने कहा कि उनका देश लेबनान में बंधकों को ढूंढने में मदद करने में संकोच नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि तुर्की के विदेश मंत्री अहमत दावुतोग्लू ने अपने ईरानी समकक्ष अली अकबर सालेही से फोन पर बातचीत में अपहृत पायलटों को बचाने में तुर्की की मदद करने का अनुरोध किया।
उन्होंने तुर्की पायलटों के अपहरण की भी कड़ी निंदा करते हुए कहा कि अपहरण एक अमानवीय कृत्य है।
पिछले शुक्रवार की सुबह बंदूकधारियों ने बेरूत में दो तुर्की पायलटों का अपहरण कर लिया। बस में तुर्की एयरलाइंस के छह क्रू सदस्य सवार थे, लेकिन केवल पायलट और सह-पायलट को ही अगवा किया गया।
शुक्रवार को, इस्तांबुल से बेरूत के लिए उड़ान भरने वाले तुर्की एयरलाइंस के विमान के पायलट, सहायक पायलट और चालक दल को ले जा रहे शटल को हवाई अड्डे से होटल के रास्ते में चार बंदूकधारियों ने रोक लिया था। बंदूकधारियों ने पायलट मूरत अक्पिनार और उनके सहायक मूरत अग्का का अपहरण कर लिया।
तुर्की ट्रिब्यून



